Thursday, June 20, 2024

योग: मानवता के पंचतत्वों को जोड़ने का विज्ञान

योग करो..... अर्थात जोड़ो!
जोड़ो अपने अंदर कुछ और भूमि, गगन, वायु, अग्नि और जल यानी कि पंचतत्व को जिनका समावेश कर ईश्वर ने मानव देह की रचना की और उसे सम्पूर्ण योग्यताएं और शक्तियां देकर इस संसार में स्वच्छतापूर्वक जीवन बिताने के लिए भेजा है। जोड़ों इसलिए ताकि जब जब हम मानवता के पायदान से नीचे उतर जाते हैं तो जाहिर है हमारे भीतर पंचतत्वों में से कोई कम हो गया है..... जिसे हम फिर से योग कर सकें! जोड़ सकें!
हमें जोड़ना है एक मानव से दूसरे मानव को मानव मात्र के कल्याण के लिए... हमें योग करना होगा हमारी आपसी एकता, सामंजस्य, समरसता व सौहार्द के लिए.... जोड़ना होगा एक एक व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत संबंधों को बढ़ावा देते हुए..... हमें अपने भीतर योग करना होगा मानवीय संवेदनाओं को, आत्मीयताओं, लगाव, सहयोग, स्नेह, संबल जैसे पंच मानवीय तत्वों को ताकि हम स्वयं का, मानव मात्र का, समस्त प्राणियों को भला करने में बिना किसी लाभ की चिंता किये अच्छे कार्य कर सकें..... हमें Inhale करना होगा सकारात्मकता को, सद्गुणों को, महापुरुषों के विचारों को, शिक्षा को, सद्भाव को और Exhale करना होगा नकारात्मकता को, अलगाव को, तनाव को, जातिवाद को, ऊंच नीच, घृणा, तृष्णा, और भेद भाव को..... 

अगर हम ये सब करने में सक्षम हो सकें! तब तो योग करना सफल है, बाकी व्यायाम करने को तो आप रोज ही कर रहे हो! मेरा मानना है कि योग करना तब तक ढोंग करना है जब तक आप अपने आपसे अपनों को पूरी तरह जोड़ नहीं लेते.... और अपने मतलब यह समूचा विश्व! यह समूची मानव जाति! हमारी सभ्यता! हमारी संस्कृति! जब तक आप मानव होकर मानव के कल्याण के बारे में नहीं सोच सकते, बिना लाभ विचारे किसी का भला नहीं कर सकते, जात - पात - धर्म - रीति - (राज) नीति - ऊंच - नीच - अमीर - गरीब, भाषा, बोली, रंग रूप आदि के आधार पर भेद भाव करना बंद ना कर सको.... लोगों की वक्त पड़े मदद ना कर सको.... अपनों को नज़रंदाज़ करना बंद ना कर सको..... तो समझ लेना सारे ये सारे योग... सब आसान... पूरा ध्यान सब कुछ व्यर्थ है...... इसलिए योग करो..... मतलब की जोड़ो! किसे जोड़ों? तो एक बार फिर इसे शुरू से पढ़ो!

आप सभी के आरोग्य व कल्याण की कामना करता हूँ, "सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥"
याद रहे मित्रों! "Yoga is not a religion, it is a science, a science of well-being, a science of youthfulness, a science of integrating body, mind and soul"


#InternationalYogaDay
#InternationalDayOfYoga 
#YogaDay #yogaforall

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